पुस्तकें

माध्यम (म.प्र.) द्वारा श्री अर्जुन सिंह का एक संस्मरण

आंखिन देखी

जनवरी 1980 से जून 1984 तक की घटनाओं, विचारों और निर्णयों का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज, जो उस दौर के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य की झलक प्रस्तुत करता है।

श्री अर्जुन सिंह का एक छायाचित्र संस्मरण

सद्भावना

श्री अर्जुन सिंह के जीवन, नेतृत्व और विरासत को समर्पित एक स्मरणीय संग्रह, जिसमें दुर्लभ छायाचित्र, विचार और देश के प्रतिष्ठित नेताओं के प्रेरणादायक संदेश शामिल हैं।

1 January 2009

एक सहयात्री इतिहास का

- रामशरण जोशी

“अर्जुन सिंह: इतिहास के एक सहयात्री” एक प्रभावशाली राजनीतिक जीवनी है, जो अर्जुन सिंह की चुरहट से दिल्ली तक की यात्रा का वर्णन करती है। यह पुस्तक धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद और राष्ट्रीय एकता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता तथा भारतीय राजनीति में उनके योगदान को उजागर करती है।

12 May 1993

साम्प्रदायिकता के खिलाफ एक आवाज

- मदनमोहन गुप्ता

"सांप्रदायिकता के खिलाफ आवाज" विचारों और लेखों का एक सशक्त संकलन है, जो सांप्रदायिकता का विरोध करते हुए भारत में एकता, शांति और सामाजिक सद्भाव के मूल्यों को बढ़ावा देता है। यह कृति समाज को विभाजनकारी प्रवृत्तियों से ऊपर उठकर आपसी भाईचारे, सहिष्णुता और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने का संदेश देती है।

10 October 2023

अधूरी कहानी: कुँवर अर्जुन सिंह

- सुन्दर सिंह बघेल

“अधूरी कहानी” एक गहन भावनात्मक कृति है, जो प्रभावशाली कथन शैली के माध्यम से अधूरे सपनों, रिश्तों की जटिलताओं और मानवीय भावनाओं के पीछे छिपे दर्द को उजागर करती है। यह पुस्तक जीवन के उन पहलुओं को स्पर्श करती है, जो अक्सर अनकहे रह जाते हैं, और पाठकों को आत्मचिंतन तथा संवेदनाओं की गहराई से परिचित कराती है।

15 August 2000

यथार्थ

- ललित श्रीवास्तव

“यथार्थ” एक सशक्त राजनीतिक आख्यान है, जो पंजाब संकट, राजीव गांधी के नेतृत्व और भारत में शांति तथा राष्ट्रीय एकता की पुनर्स्थापना में अर्जुन सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है। यह पुस्तक उस दौर की राजनीतिक चुनौतियों, निर्णयों और घटनाओं को उजागर करते हुए देश की एकता एवं सद्भाव बनाए रखने के प्रयासों को रेखांकित करती है।

12 May 2008

मोहि कहाँ विश्राम

- डॉ. कन्हैयालाल नंदन

“मोहि कहाँ विश्राम” एक प्रेरणादायक कृति है, जो अर्जुन सिंह के जीवन, संघर्षों, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक योगदान को उजागर करती है। यह पुस्तक उनके जनसेवा के सफर, राजनीतिक दृष्टिकोण और मानवीय मूल्यों को विस्तारपूर्वक प्रस्तुत करती है। साथ ही, यह उनके समर्पण, दूरदर्शिता और समाज के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए पाठकों को प्रेरणा प्रदान करती है।

1 January 2012

A Grain of Sand in the Hourglass of Time - Arjun Singh

- अर्जुन सिंह

“समय की रेतघड़ी में रेत का एक कण: एक आत्मकथा” एक स्पष्ट, निष्पक्ष और आत्मविश्लेषणात्मक संस्मरण है, जो अर्जुन सिंह की पाँच दशकों से अधिक लंबी राजनीतिक यात्रा का वर्णन करता है। इसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों—जैसे फूलन देवी के आत्मसमर्पण और भोपाल गैस त्रासदी—के साथ-साथ पंजाब समझौते में उनकी भूमिका तथा मानव संसाधन विकास मंत्री के रूप में किए गए ऐतिहासिक सुधारों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक उनके राजनीतिक दृष्टिकोण, नेतृत्व क्षमता और सार्वजनिक जीवन में दिए गए योगदान को समझने का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।