मेरी मुलाकात श्री अर्जुन सिंह जी पूर्व मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश से 1982 में शिकागो में एक सम्मेलन में हुई तबसिंह साहब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे और एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल होने आए थे जिसमें वह विदेशमें रहने वाले उद्यमियों से भारत आकर अपना व्यवसाय शुरू करने और भारत के लोगों को रोजगार पैदा करने के लिए निवेदन कर रहे थे बोल रहे थे, में भी उस सम्मलेन में आमंत्रित था| तब मैंने उठकर
सिंह साहब से अपना अभिवादन किया और बोला की सिंह साहब आप जो बोल रहे हैं उन पर आप गंभीर हैऔर उन पर अमल भी करेंगे, सिंह साहब ने जोर देकर कहा कि आप आईये और मैं जो बोल रहा हूं उसेगंभीरता से बोल रहा हूं इन सब कार्यो के लिए मैं आप लोगों को हर संभव मदद करूंगा , उनके आग्रह परकई लोगों ने मध्य प्रदेश में काम शुरू किया और सिंह साहब ने अपने किए वादों के अनुसार उन्हें हर संभवसहायता की, सिंह साहब जो बात कहते थे वह उसपर गंभीरता से काम करते और अपना वादा पूरा करते थेवह जिस कार्य को करने का वादा करते थे उसे पूरा भी करते थे,
सिंह साहब अपने वचनों के पक्के थे| वह बहुत कम बोलते थे, मीठा और मधुर| बोलते थे उनके हर शब्द कीअहमियत होती थी,| वह समय के पक्के पावंद इंसान थे, एक बार मध्य प्रदेश की किसी जुग्गी झोपड़ी, बस्ती में आग लग गई थी सिंह साहब, उस बस्ती में गए और उन लोगों की हर संभव मदद की और उन गरीबोंके आंसुओं को समझा और उनके जीवन को खुशहाल बनाने के लिए अपनी सरकार की तरफ से हरकोशिश, की वह एक अच्छे इंसान थे और जन जन के नेता थे| तब से ही मेरा उनसे भारत आने पर हमेसा मिलना जुलना चलता रहा और वह मेरे एक अच्छे मित्र बन गए| वह एक मृदु भाषी विद्वान व्यक्तित्व केधनी इंसान थे| उनके निवास पर मिलने आने वालो का ताँता लगा रहता था और वह सभी से मिलते औरउनकी समस्याओं का निदान करते थे| जनता जिस कार्य के लिए उनसे मिल लेती थी वह उस कार्य को करदेते थे | जनता उनके वहां से निराश होकर नहीं जाती थी| वह मध्य प्रदेश के तीन बार मुख्य्मंत्री रहे तबछत्तीसगढ़ भी मध्य प्रदेश में था | उन्होंने मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री रहते हुए दलितों पिछड़ों, अल्पसंख्यकसमुदाय के लोगों की बहुत मदद की और उनके जीवन में नई उमंग उत्साह वह खुशहाली लाये | सिंहसाहब ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए आदिवासियों झुग्गी झोपड़ी वालों पिछड़े समाज के लोगों,दलितों और गरीब जनों के जीवन स्तर सुधारने के लिए बहुत सारी कल्याणकारी योजनाएं बनाई और उन पर कार्यभी किया | 1984 में जब पंजाब आतंकवाद के आग में जल रहा था तब तत्कालीन प्रधान मंत्री ने अर्जुन सिंहसाहब को पंजाब समस्या को हल करने के लिए वहा का गवर्नर नियुक्त कर भेजा | सिंह साहब ने अपनी कार्यकुशलता से आतंकवाद से जलते पंजाब की समस्या को बातचीत के द्वारा हल किया जो एक अतियंतप्रसंसनीय कार्य रहा भारत सरकार में दो बार मानव संसाधन विकास मंत्री रहते हुए शिक्षा के छेत्र में अनेककार्य किये | उन्होंने अनेक नऐ आईआईटी, आईआईएम और एन आई टीज खुलवाने हेतु भारत सरकार में पूरी कोशिश की और उनको खुलवाया | भोपाल में लॉ कॉलेज मानव संग्राहलय और राष्टीय विज्ञान केन्द्रकी स्थापना करवाई| इन संस्थानों से आज प्रति वर्ष हजारो बच्चे अपनी पढाई पूरी कर देश विदेश मेंरोजगार पा रहे है | हमेशा उनका उद्देश्य दबे , कुचले ,निचले तब्लो के लोगों का जीवन सुधारने का प्रयासरहा और अपने प्रयास में वह सफल भी हुए | सभी लोग उन्हें प्रेम प्यार से दाऊ साहब बोलते |अर्जुन सिंहसाहब जन जन के नेता थे और गरीबो के मसीहा कहलाते है |
सैम वर्मा
बेतूल मध्य प्रदेश